हर 5 में से 1 महिला को प्रभावित करने वाली इस बीमारी के बारे में वो सब कुछ जो आपको जानना चाहिए क्या आपके पीरियड्स अनियमित हैं? चेहरे पर अचानक बाल आने लगे हैं? वजन बढ़ रहा है और कम नहीं हो पा रहा है? - अगर आपको इनमें से किसी भी समस्या का सामना करना पड़ रहा है, तो आप अकेले नहीं हैं। भारत में करोड़ों महिलाएं PCOS या PCOD से जूझ रही हैं, और अक्सर उन्हें इसका पता भी नहीं चलता है।

PCOS और PCOD क्या है?

PCOS का पूरा नाम Polycystic Ovary Syndrome है और PCOD का पूरा नाम Polycystic Ovarian Disease है । ये दोनों महिलाओं के अंडाशय (Ovaries) से जुड़ी समस्याएं हैं जिनमें हार्मोन का संतुलन बिगड़ जाता है।

सरल भाषा में कहें तो - जब आपकी Ovaries में बहुत सारे छोटे-छोटे Cysts (थैलियाँ) बन जाती हैं और शरीर में Male Hormone (Androgen) की मात्रा बढ़ जाती है, तो इसे PCOS या PCOD कहते हैं। इसकी वजह से अंडाशय ठीक से काम नहीं नहीं कर पाते हैं और Egg का बनना व Release होना प्रभावित होता है।

 PCODPCOS
गंभीरताकम गंभीरअधिक गंभीर (Syndrome)
डिंबक्षरणप्रभावित, पर होता हैअक्सर बंद हो जाता है
हार्मोन असंतुलनमध्यमगंभीर
गर्भधारण की संभावनाबेहतरचुनौतीपूर्ण
इलाजजीवनशैली में बदलावदवाएं + जीवनशैली

PCOS/PCOD के मुख्य लक्षण

हर महिला में इस बीमारी के लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं। नीचे दिए गए लक्षणों में से अगर आपको किन्ही 3 या उससे अधिक नज़र आ रहे हैं, तो डॉक्टर से ज़रूर मिलें।

अनियमित पीरियड्स

महीनों तक पीरियड न आना या बहुत कम/बहुत ज़्यादा ब्लीडिंग होना सबसे आम संकेत है।

अचानक वज़न बढ़ना

खाना कम खाने पर भी वज़न घटता नहीं - खासकर पेट और कमर के आसपास चर्बी जमना।

चेहरे पर बाल (Hirsutism)

ठुड्डी, गाल, ऊपरी होंठ पर पुरुषों जैसे बाल आना - Androgen के बढ़ने का संकेत।

सिर के बाल झड़ना

एक ओर जहाँ चेहरे पर बाल बढ़ते हैं, वहीं सिर के बाल पतले होने लगते और झड़ते हैं।

मुँहासे (Acne)

जबड़े, ठुड्डी और गर्दन पर गहरे, हठीले मुँहासे जो आसानी से ठीक नहीं होते।

थकान और नींद की समस्या

हर समय थकावट महसूस करना, नींद न आना या बहुत अधिक नींद आना।

मूड स्विंग्स और Depression

हार्मोनल असंतुलन के कारण चिड़चिड़ापन, उदासी, और Anxiety आम है।

त्वचा का काला पड़ना

गर्दन, बगल, कमर के नीचे त्वचा का काला और मोटा होना - इसे Acanthosis Nigricans कहते हैं।

PCOS क्यों होता है? - कारण

PCOS के सटीक कारण अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन कुछ मुख्य कारण इस प्रकार हैं:

1. इंसुलिन प्रतिरोध (Insulin Resistance)

PCOS से पीड़ित लगभग 70% महिलाओं में Insulin Resistance पाई जाती है। जब शरीर की कोशिकाएं Insulin के प्रति सही प्रतिक्रिया नहीं देतीं, तो Pancreas अधिक Insulin बनाता है। यह अतिरिक्त Insulin Ovaries को और अधिक Male Hormone बनाने के लिए उत्तेजित करता है।

2. आनुवंशिकता (Genetics)

अगर आपकी माँ, नानी, दादी, या बहन को PCOS है, तो आपको भी होने की संभावना काफी बढ़ जाती है। यह बीमारी पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ सकती है।

3. खराब जीवनशैली

जंक फूड, देर रात तक जागना, Physical Activity का अभाव, और अत्यधिक तनाव - ये सब मिलकर हार्मोन के संतुलन को बिगाड़ देते हैं, जो PCOS को और बढ़ावा देता है।

4. सूजन (Chronic Inflammation)

शरीर में लंबे समय तक रहने वाली सूजन (Low-grade Inflammation) भी Androgen के उत्पादन को बढ़ाती है, जिससे PCOS के लक्षण उभरते हैं।

PCOS का पीरियड्स पर असर - विस्तार से

पीरियड्स का अनियमित होना PCOS का सबसे पहला और आम लक्षण है। इसे नज़रअंदाज़ करना सबसे बड़ी गलती है जो कि ज़्यादातर महिलाएं करती हैं।

इन पीरियड्स की समस्याओं पर ध्यान दें

  • साल में 8 से कम पीरियड्स आना (Oligomenorrhea)
  • 3 महीने या उससे अधिक समय तक पीरियड न आना (Amenorrhea)
  • पीरियड्स में बहुत अधिक दर्द (Dysmenorrhea)
  • बहुत भारी ब्लीडिंग (Menorrhagia) या बहुत कम ब्लीडिंग
  • हर बार पीरियड का समय बदलते रहना

PCOS और गर्भधारण - क्या बच्चा हो सकता है?

यह सवाल हर उस महिला के मन में होता है जिसे PCOS का पता चलता है। जवाब है - हाँ, बिल्कुल हो सकता है।

PCOS Infertility का कारण ज़रूर बन सकता है, लेकिन यह Infertility की गारंटी नहीं देता है। सही इलाज, बेहतर जीवनशैली और डॉक्टर की देखरेख में हज़ारों महिलाएं PCOS के बावजूद स्वस्थ बच्चे को जन्म देती हैं। Ovulation Induction जैसी दवाएं और IVF जैसे उपाय भी उपलब्ध हैं।

ध्यान दें: अगर आप गर्भधारण की कोशिश कर रही हैं और 6 महीने से अधिक समय हो चूका है, तो किसी प्रसूतिशास्री(gynecologist)या प्रजनन विशेषज्ञ  (Fertility Specialist) से ज़रूर मिलें। देरी न करें।

PCOS से जुड़े दीर्घकालिक स्वास्थ्य जोखिम

अगर PCOS को नज़रअंदाज़ किया जाए और सही समय पर इलाज न हो, तो यह कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है :

  • Type 2 Diabetes: PCOS में Insulin Resistance की वजह से Diabetes का खतरा 4 गुना बढ़ जाता है।
  • हृदय रोग: High Cholesterol और High Blood Pressure का खतरा बढ़ता है।
  • Uterine Cancer: अनियमित पीरियड्स के कारण Uterus की परत (Endometrium) मोटी होती रहती है, जो आगे चलकर Cancer का रूप ले सकती है।
  • Sleep Apnea: नींद के दौरान सांस रुकने की समस्या PCOS में आम है।
  • Depression और Anxiety: मानसिक स्वास्थ्य पर भी गहरा असर पड़ता है।

PCOS का निदान कैसे होता है?

PCOS का पता लगाने के लिए कोई एक Test नहीं है। डॉक्टर आमतौर पर इन तीन चीज़ों को देखते हैं (Rotterdam Criteria):

PCOS Diagnosis के 3 मानदंड

  • अनियमित या बंद पीरियड्स (Irregular/Absent Ovulation)
  • Blood Test में Androgen का स्तर बढ़ा हुआ होना या शरीर पर इसके लक्षण दिखाई देना
  • Ultrasound में Ovaries में 12 या अधिक Follicles दिखना

इन तीन में से कोई भी दो मानदंड पूरे होने पर PCOS का निदान किया जाता है।

इसके अलावा डॉक्टर Fasting Insulin Test, Lipid Profile, Thyroid Function Test और AMH (Anti-Müllerian Hormone) भी करवा सकते हैं।

PCOS का इलाज - क्या इसे ठीक किया जा सकता है?

PCOS का कोई परमानेंट इलाज नहीं है, लेकिन इसे बहुत हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। और अच्छी बात यह है कि इसमें आपकी लाइफस्टाइल की सबसे बड़ी दवाई है।

A. खान-पान में बदलाव

Low Glycemic Index (Low GI) Diet अपनाएं - यानी ऐसे खाद्य पदार्थ जो Blood Sugar को धीरे-धीरे बढ़ाते हैं। सब्जियां, दालें, साबुत अनाज, और हरी पत्तेदार सब्जियां खाएं। मैदा, चीनी, पैक्ड फूड्स और कार्बोहाइड्रेट खाने से परहेज करें।

B. नियमित व्यायाम

रोज़ाना कम से कम 30 मिनट की फिजिकल एक्टिविटी ज़रूरी है। योग, वॉकिंग, स्विमिंग, या स्ट्रेंथ ट्रेनिंग - जो भी आपको पसंद हो। व्यायाम इंसुलिन सेंसिटिविटी को बेहतर बनाता है और वेट मैनेजमेंट में मदद करता है।

C. दवाइयाँ

डॉक्टर की सलाह पर मेटफॉर्मिन (इंसुलिन सेंसिटिविटी के लिए), ओरल कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स (हार्मोन्स बैलेंस के लिए), और क्लोमीफीन (ओव्यूलेशन के लिए) दी जा सकती हैं। कभी भी बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न लें।

D. तनाव प्रबंधन

तनाव सीधे कोर्टिसोल हार्मोन को बढ़ाता है जो पीसीओएस को और कष्ट देता है। मेडिटेशन, गहरी सांस लेना, और पर्याप्त नींद (7-8 घंटे) लेना ज़रूरी है।

PCOS में क्या खाएं - क्या न खाएं

खाएं

दालचीनी, हल्दी, मेथी के बीज, अलसी, हरी सब्जियाँ, बेरीज़, अखरोट, दही

न खाएं

सफेद ब्रेड, मैदा, मीठे ड्रिंक्स, शराब, प्रोसेस्ड फूड, डेयरी प्रोडक्ट्स (अधिक मात्रा में)

डॉक्टर के पास कब जाएं?

नीचे दिए गए किसी भी संकेत को नज़रअंदाज़ न करें और तुरंत स्त्री रोग विशेषज्ञ से मिलें:

  • 3 महीने से अधिक पीरियड न आना
  • चेहरे और शरीर पर अचानक से  बाल बढ़ना
  • 6 महीने से अधिक समय से गर्भधारण की कोशिश असफल रहना
  • वज़न का अचानक से बढ़ना और घटाने में बहुत कठिनाई आना
  • लगतार थकान महसूस होना, मूड स्विंग होना, या डिप्रेशन की परेशानी होना

अपने डॉक्टर से मिलें →

स्वास्थ्य लेखक द्वारा यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी लक्षण के लिए कृपया डॉक्टर से संपर्क करें |